अरे वो जो मैम ने घर खाने पे बुलाया था, उसका क्या हुआ? (CID Dhamaal?)
मैं गई और उन्होंने बड़े प्यार से डाइनिंग की एक कुर्सी की तरफ बैठने को इशारा किया और मैं बैठ गई। फिर उन्होंने, अपनी डोमेस्टिक हैल्प को बोला, दीदी के लिए पानी लाओ। उनका कोई फोन आ गया और वो उसपे बात करने लगी। बात करने के बाद उन्होंने बताया, किसी नर्स का फोन था, साउथ से। और भी छोटी-मोटी बातें शायद, जो मुझे अब ढंग से याद नहीं। ऐसे ही बातों-बातों में थोड़ा बहुत उन्होंने अपने बारे में बताया। और थोड़ा बहुत मेरी जानने की उत्सुकता बढ़ी, खासकर बहुअकबरपुर के कुछ जानकारों को, वो कैसे जानते हैं। उस सर्कल का और किसी K का क्या लेना-देना है? और ये सब पंगा क्या है? मैंने वो भी बताया, की मैंने जानने की कोशिश की, मगर वहाँ कुछ ऐसा-सा रिस्पांस है। और जाने क्यों, वो किसी के फोटो में कौन कैसा दिखता है या दिखती है, उसपे पहुँच गए। और ये भी की वो, उसकी अबकी फोटो नहीं है। बहुत पुरानी हैं, वगरैह-वगरैह। जो उस वक़्त थोड़ा कम समझ आया। और फिर कुछ अजीबोगरीब-सी बातें जैसे, "मुझे डर लगता है कई बार। यहाँ बाहर कई बार लगता है, जैसे किसी पेड़ की ओट में कोई छिपके बैठा हो।" (ये मैम यूनिवर्सिटी कैंपस में ही, मेरे घर से...